Who knew these Sanskrit Slogans existed?|संस्कृत स्लोगन (With Meaning)

कौन जानता था किये संस्कृत केनारे मौजूद हैं?|Who knew these Sanskrit Slogans existed?

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Sanskrit Slogans:भारत में, संस्कृतभाषा सबसे पुरानीभाषा है संस्कृतएक ऐसी भाषाहै जिसका उपयोगस्कूल कॉलेजों औरअन्य में आधीसे अधिक आबादीद्वारा किया जाताहै। यह प्राचीनभारतीय भाषण 1400 ईसा पूर्वका है औरदुनिया भर केकई भाषाविदों द्वाराअध्ययन का विषयरहा है। भाषाके बारे मेंलोगों को जागरूककरने के लिएभाषा के विद्वानोंने संस्कृत केस्लोगन लिखे हैं।

 

संस्कृत के स्लोगन क्या हैं?|What are Sanskrit Slogans?

लोगों के लिएसरल और समझनेयोग्य तरीके सेभगवान के संदेशको फैलाने केलिए संस्कृत स्लोगन(Sanskrit Slogan)संचार का एकलोकप्रिय रूप है।

 

वंदनाएक संस्कृत नाराहै जिसका अर्थहैदैनिक भाषा ईश्वरके संदेश कोफैलाने का एकउपकरण हैऐसा माना जाताहै कि संस्कृतवह भाषा हैजिसका सीधा संबंधभगवान के लोगोंसे है। यहकुलीन और अमीरोंकी भाषा है।

 वंदना का प्रयोगहर स्थिति मेंकिया जा सकताहै। यह एकऐसी भाषा हैजिसका प्रयोग दैनिकजीवन में कियाजा सकता है।

 

संस्कृत के स्लोगन का महत्व|What is the importance of Sanskrit Slogan?

संस्कृत के नारेभारत में संचारका एक अनूठा, सार्वभौमिक रूप सेस्वीकार्य और सरलरूप हैं।

 

 संस्कृत के नारेशैक्षिक, उत्थान, सूचनात्मक औरगतिशील माने जातेहैं। संस्कृत केनारों की विशिष्टता

 

 संस्कृत के नारे(Sanskrit Slogan) संचार का सबसेअनूठा रूप हैंक्योंकि उन्हें समझना बहुतकठिन नहीं है।वे सरल औरसीखने में आसानहैं। जीवन केसभी क्षेत्रों मेंसंस्कृत के नारोंका उपयोग कियाजाता है। इसकाउपयोग किसी भीतरह के जीवनमें किया जाताहै, जैसे व्यवसाय, शिक्षा और राजनीति।इनका उपयोग सभीधर्मों के लोगभी करते हैं।

 

 Sanskrit Slogan विभिन्न धर्मों द्वारा उपयोगकिए जाते हैं, जैसे ईसाई धर्म, इस्लाम, हिंदू धर्म, बौद्धधर्म, सिख धर्मऔर जैन धर्म।

 संस्कृत के नारेसरल और आसानतरीके से संवादकरने के लिएडिज़ाइन किए गएहैं। वे सभीभगवान के संदेशको फैलाने केबारे में हैं।वे ईश्वर औरमानवता के संदेशके बारे मेंबोलते हैं।

 

इनका उपयोग सरल तरीकेसे किया जाताहै और लोगोंका ध्यान आकर्षितकरने के लिएडिज़ाइन किया गयाहै। संस्कृत केनारों का उद्देश्यईश्वर के संदेशको लोगों तकपहुंचाना है।

 

 Sanskrit Slogan|संस्कृत के स्लोगन कहाँ से आएया हम उन्हेंकहाँ से पासकते हैं? जनताके लिए संस्कृतके स्लोगन कहाँप्रदर्शित किए जातेहैं?

1) ऐसे नारे जोग्रंथों, वेदों, पुस्तकों, साहित्यया हिंदू मंदिरोंकी दीवारों औरदरवाजों पर उपयोगकिए जाते हैंया प्राप्त होतेहैं,

 

 संस्कृत भाषाका कई अलगअलग संस्कृतियोंमें उपयोग काएक लंबा इतिहासरहा है। भारतमें, संस्कृत कोएक पवित्र भाषामाना जाता हैजो सबसे प्राचीनमंदिरों और सबसेपुराने ग्रंथों पर पाईजा सकती है।भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्रमोदी द्वारा स्कूलीशिक्षा के लिएवैकल्पिक विषय याअनिवार्य विषय केलिए संस्कृत केउपयोग को चेतनाके नारे केरूप में पुनर्जीवितकिया गया है।

 2) नारे जो इमारतोंकी दीवारों पर, या कंपनियों, संगठनों, या शैक्षणिक संस्थानोंके परिसर मेंउपयोग किए जातेहैं।

 इसमें पत्थरों, खंभों, दीवारों या बगीचोंकी छतों परखुदे हुए नारेशामिल हैं।

 संस्कृत का उपयोगकरने का कारणइसका समृद्ध इतिहासऔर शिक्षा है।यह सबसे पुरानीऔर सबसे व्यापकरूप से इस्तेमालकी जाने वालीभाषा है।

Best Sanskrit Slogans with meaning

चोरहार्य राजहार्य भ्रातृभाज्यं भारकारि

व्यये कृते वर्धतएव नित्यं विद्याधनंसर्वधनात्प्रधानम

 

What is that which cannot be stolen by thieves nor taken away by kings nor shared between/among brothers nor is it heavy on the shoulders to carry.

If spent well , Always keeps growing. The wealth of knowledge is most superior wealth!

विद्याददाति विनयं विनयात्याति पात्रताम्।

 

Knowledge gives humility, from humility, one attains character; From character, one acquires wealth; from wealth good deeds (righteousness) follow and then happiness

 

पात्रत्वाद्धनमाप्नोतिधनाद्धर्मं ततः सुखम्॥

व्यसनानि संति बहुनिव्यसने व्यसनैव केवलम् व्यसनम्

 

विद्याभ्यसनम्व्यसनम् अथवा हरीपादसेवनम्व्यसनम्

 

विद्या विवादाय धनम् मदायशक्ति परेषाम् परपीडनाय

 

खलस्य साधोर्विपरीतम् एतत् ज्ञानायदानाय रक्षणाय

 

Using knowledge for (needless) arguments, money to abuse power, strength to harm others – that is the difference between a bad person and the good person. The latter uses those for gaining knowledge, donating, and protecting (the weak ones)

Sanskrit slogan with Hindi meaning

किं किं न साधयति कल्पलतेव विद्या ॥

    Meaning : कल्पलता की तरह विद्या कौन सा काम नहीं सिध्ध कर देती ?

 

    सोत्साहानां नास्त्यसाध्यं नराणाम् ॥

    Meaning: उत्साही मानव को कुछ भी असाध्य नहीं होता ।

 

    उद्यमे नावसीदति ॥

    Meaning : उद्यम करनेवाला का नाश नहीं होता ।

 

    बलवन्तो हि अनियमाः नियमा दुर्बलीयसाम् ॥

    Meaning : बलवान को कोई नियम नहीं होते, नियम तो दुर्बल को होते हैं ।

 

    सर्वे मित्राणि समृध्दिकाले ॥

    Meaning: समृद्धि काल में सब मित्र बनते हैं ।

 

    श्रोतव्यं खलु वृध्दानामिति शास्त्रनिदर्शनम् ॥

    Meaning : वृद्धों की बात सुननी चाहिए एसा शास्त्रों का कथन है ।

 

    असंहताः विंनश्यन्ति ॥

    Meaning : जो लोग बिखर कर रहते है वे नष्ट हो जाते हैं ।

 

    अपरीक्ष्यकारिणं श्रीः परित्यजति ॥

    Meaning: बिना विचारे कार्य करने वाले को लक्ष्मी त्याग देती हैं ।

 

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