पिता Easy sanskrit shloka for father|Lines on father in sanskrit with meaning in Hindi|pita per shlok|Happy Fathers Day

 पिता Easy sanskrit shloka for father|Lines on father in sanskrit with meaning in Hindi|Happy Fathers Day



✌ पितॄन्नमस्ये निवसन्ति साक्षाद्ये देवलोकेऽथ महीतले वा

तथान्तरिक्षे सुरारिपूज्यास्ते वै प्रतीच्छन्तु मयोपनीतम्  


Meaning in hindi:- मैं अपने पिता के सामने झुकता हूँ, 

जिसमें सभी लोगों के सभी देवता निवास करते हैंसही मायने में वह मेरे 

देवता हैं।


✌ पितॄन्नमस्ये परमार्थभूता ये वै विमाने निवसन्त्यमूर्त्ताः

यजन्ति यानस्तमलैर्मनोभिर्योगीश्वराः क्लेशविमुक्तिहेतून्  


Meaning in hindi:-  मैं अपने पिता के सामने झुकता हूँ

जो परमार्थ के निराकार आड़ में रहते हैं,

जिन्हें सभी संघर्षों (संसारसे मुक्ति के लिए दोषहीन योगियों द्वारा पूजा

जाता है।

 

✌ पितॄन्नमस्ये दिवि ये मूर्त्ताः स्वधाभुजः काम्यफलाभिसन्धौ

प्रदानशक्ताः सकलेप्सितानां विमुक्तिदा येऽनभिसंहितेषु


Meaning in hindi:- मैं अपने पिता के सामने झुकता हूँ, जिसमें मैं सभी

देवताओं को देखता हूँ, और जो मेरी सभी आकांक्षाओं को पूरा करते हैं। वह 

उपलब्धियों के लिए प्रेरणा है, और वह मुझे सभी चिंताओं से छुटकारा 

दिलाते है। मैं अपने पूज्य पिता को अपना प्यार देता हूँ|


✌ पिता धर्मः पिता स्वर्गः पिता हि परमं तपः।

पितरि प्रीतिमापन्ने प्रीयन्ते सर्वदेवताः॥


Meaning in hindi:- पिता ही धर्म है, पिता ही स्वर्ग है और पिता ही

सबसे श्रेष्ठ तपस्या है। पिता के प्रसन्न हो जाने पर सारे देवता प्रसन्न हो

जाते हैं।

 

✌ जनिता चोपनेता यस्तु विद्यां प्रयच्छति

अन्नदाता भयत्राता पञ्चैते पितरः स्मृताः


Meaning in hindi:- जो जन्म देता है, वह जो प्रभु के करीब लाता है

(आध्यात्मिकता के लिए - पवित्र उपनयन समारोह के माध्यम से आरंभ

करने के माध्यम से), वह जो ज्ञान देता है, वह जो भोजन देता है, वह जो

भय से रक्षा करता है - इन 5 को पिता माना जाता है

 

✌ सत्यं माता पिता ज्ञानं धर्मो भ्राता दया सखा।

शान्ति: पत्नी क्षमा पुत्र: षडेते मम बान्धवा:

 

Meaning in hindi:- सत्य मेरीं माता के समान है , ज्ञान मेरे  पिता

के समान  है , धर्म मेरे  भाई के समान  है , दया मेरे मित्र के समान

है ,  तथा शान्ति मेरे पत्नी के समान है , क्षमाशीलता मेरे पुत्र  के

समान हैइस प्रकार ये  गुण (लोग ) ही मेरे निकट संबन्धी हैं |

✌ सर्वतीर्थमयी माता सर्वदेवमयः पिता

मातरं पितरं तस्मात् सर्वयत्नेन पूजयेत्


Meaning in hindi:- माता सभी तीर्थों के समान तथा पिता सभी

देवताओंके समान पूजनीय  होते हैंअतः  उसका यह  परम्  कर्तव्य है कि

वह् उनका यत्न पूर्वक आदर और सेवा करे |


(Dedicated to all Fathers-HAPPY FATHERS DAY)

 

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